विधायक अनिता भदेल ने कहा- आईएएस ही मजबूर तो अभद्र भाषा पर आम महिला कैसे पाएगी न्याय

अजमेर में महिला आईएएस अफसरों के खिलाफ सोशल मीडिया पर की गई अभद्र टिप्पणियों का मामला शुक्रवार को विधानसभा में भी गूंजा। विधायक अनिता भदेल ने स्थगन प्रस्ताव के जरिए मुद्दा उठाया। भदेल ने कहा कि अजमेर में पोस्टेड सभी महिला आईएएस अधिकारियों के खिलाफ सोशल मीडिया पर बहुत अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया और बहुत सारे ग्रुपों में उसे वायरल किया गया। 


ब्यूरोक्रेसी में महिला अधिकारियों ब्लैकमेल किया जा रहा  


भदेल ने कहा कि मैं कुछ बानगी आपको बताना चाहती हूं। इसके बाद भदेल ने वाट्सएप ग्रुप्स में चल रही टिप्पणियों को पढ़कर सुनाया...जिसमें लिखा था कि महिला आईएएस अधिकारी की अापत्तिजनक वीडियो क्लिपिंग अजमेर में वायरल है। इतनी गंदी भाशा का इस्तेमाल करने वाले महाशय लिखते हैं कि महिला अधिकारी का चरित्र देखकर उन्हें वेदना हो रही है और बाद में कहते हैं कि मैंने तो इसे नहीं देखा लेकिन जिसने भी इसे देखा है वह भी इसे आगे वायरल नहीं करे। भदेल ने पूछा कि जब उन्होंने कुछ देखा ही नहीं तो इतनी गंदी चीजों को सोशल मीडिया पर डालने का क्या तुक है। ब्यूरोक्रेसी में महिला अधिकारियों को इस तरह से ब्लैकमेल किया जा रहा है। 
 


अजमेर की महिला अधिकारियों ने दर्ज कराया मुकदमा


चारों महिला अधिकारियों ने चार अलग-अलग थानों में अपने मुकदमे दर्ज करवा दिए और 164 के बयान भी हो गए। कोई आम आदमी होता तो अब तक पुलिस उसे जेल में डाल चुकी होती लेकिन उस व्यक्ति को मौका दिया गया कि वह कोर्ट से जाकर स्टे ला सके। जब महिला आईएएस अधिकारी इस तरह से मजबूर है कि उनके खिलाफ कोई भी कुछ भी लिख सकता है तो आम महिला क्या हिम्मत कर सकती है। उन्होंने कहा कि ऐसे तो महिलाओं का नौकरी करना दूभर हो जाएगा।Image result for vidhayak anita bhadel