वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपना दूसरा बजट जटिल आर्थिक परिस्थितियों के बीच पेश किया है। बजट के उपायों से अर्थव्यवस्था में तेजी आने को लेकर उम्मीदें बढ़ी हैं। सीतारमण ने 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने पर प्रतिबद्धता जताई है। ग्रामीण क्षेत्र पर खर्च 8% की दर से बढ़ने की उम्मीद है। ऐसे में ग्रामीण अर्थव्यवस्था खेती से होने वाली और फसल बेहतर होने जैसे लंबी अवधि के ढांचागत उपायों पर अधिक निर्भर होगी। ग्रामीण इलाकों में मांग रहने से एफएमसीजी, ऑटो, कृषि उपकरण बनाने वाली कंपनियों, ज्वैलरी कंपनियों की बिक्री अच्छी रह सकती है। इन क्षेत्र के शेयरों में दांव लगाया जा सकता है।
डीडीटी हटने का शेयरधारकों पर दोतरफा प्रभाव होगा
डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन टैक्स हटा दिया गया है। डिविडेंड के रूप में शेयरधारकों के हाथ में अधिक रकम आएगी। आयकर की स्लैब के मुताबिक उनकी टैक्स लाइबिलिटी बढ़ जाएगी। ऊंची टैक्स स्लैब में आने वाले शेयरधारकों के लिए कर की प्रभावी दर 30% से अधिक होगी।