मिड-स्मॉल कैप के प्रदर्शन में रह सकती है मजबूती, ये दिलवा सकते हैं बेहतर रिटर्न

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक फरवरी को चुनौतीपूर्ण माहौल में बजट पेश किया है। इसमें अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए खर्च बढ़ाने के उपाय किए गए। ताहेर बादशाह, सीआईओ-इक्विटीज, इन्वेस्को म्यूचुअल फंड बताते हैं कि, कम आय वालों को आयकर स्लैब में राहत दी। साथ ही डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन टैक्स (डीडीटी) को खत्म करने का ऐलान किया गया।


सरकार ने इस वित्त वर्ष के लिए राजकोषीय घाटे का लक्ष्य बढ़ाकर 3.8% कर दिया है। जबकि अगले वित्त वर्ष 2020-21 में इसे 3.5% तक रखने का लक्ष्य रखा है। बजट में मांग बढ़ाने के मजबूत उपायों की घोषणा न होने से बाजार ने इस पर तीखी नकारात्‍मक प्रतिक्रिया दी। हमारा मानना है कि अगले 12-18 महीनों में अर्थव्यवस्था की रफ्तार में धीरे-धीरे चक्रीय सुधार देखने को मिलेगा। बाजार की गिरावट ने निवेशकों को एक बार फिर कम कीमतों पर शेयर खरीदने का मौका उपलब्ध कराया है। गिरावट के बाद कई शेयरों की कीमत आकर्षक हो गई हैं।